दिल्ली में इलेक्ट्रिक बस क्रांति: 500 नई बसों की शुरुआत, 2028 तक 11,000 ई-बसों का लक्ष्य
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Electric Bus Launch Delhi
दिल्ली में 500 इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा.
2028 तक 11,000 ई-बसें, 100% प्रदूषण-मुक्त बस बेड़े का लक्ष्य.
नए बस डिपो, चार्जिंग स्टेशन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी पर फोकस.
Delhi / दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अब एक ऐतिहासिक बदलाव के दौर में प्रवेश कर चुकी है। राजधानी को प्रदूषण-मुक्त और आधुनिक परिवहन की दिशा में आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द दिल्ली ऐसा राज्य बनने जा रही है, जहां देश में सबसे अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित होंगी। यह बात उन्होंने नई दिल्ली में 500 इलेक्ट्रिक बसों के शुभारंभ से पहले पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मौके पर दिल्लीवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार पर जनता के भरोसे का ही नतीजा है कि विकास कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार साल के 365 दिन जनता के हित में काम कर रही है और इसका असर अब ज़मीन पर दिखाई देने लगा है, खासतौर पर सार्वजनिक परिवहन जैसे अहम क्षेत्र में।
रामलीला मैदान में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 500 नई इलेक्ट्रिक बसों और दिल्ली-पानीपत इंटर-स्टेट बस सेवा का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी भी रहेगी। सरकार का कहना है कि इन बसों के शुरू होने से न केवल दिल्ली के अंदर यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि पड़ोसी राज्यों के साथ कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली के बस बेड़े के विस्तार की विस्तृत योजना साझा करते हुए बताया कि फिलहाल राजधानी की सड़कों पर लगभग 3,600 बसें चल रही हैं। बीते एक साल में ही इनमें 1,700 नई बसें जोड़ी गई हैं। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2026 के अंत तक दिल्ली में कुल बसों की संख्या बढ़ाकर 7,700 कर दी जाए। इसके आगे का रोडमैप बताते हुए उन्होंने कहा कि साल 2028 तक दिल्ली में कुल 11,000 बसें होंगी, जिनमें से अधिकांश पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी।
पर्यावरण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने इसे एक “क्रांतिकारी कदम” बताया। उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों के भीतर दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन की सभी बसों को प्रदूषण-मुक्त इलेक्ट्रिक बसों में बदल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इतनी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसों के सुचारु संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले ही पूरी कर ली गई हैं।
इन बसों के रखरखाव और संचालन के लिए राजधानी में अत्याधुनिक बस डिपो और चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सफल बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने अपने पूंजीगत व्यय यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर को दोगुना कर दिया है। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अब करीब 30,000 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया कि सरकार का फोकस केवल बसों तक सीमित नहीं है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के साथ-साथ ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ को मजबूत करने के लिए ई-बाइक और ई-ऑटो जैसी योजनाओं को भी वित्तीय मंजूरी दी जा चुकी है। उनका कहना है कि इन पहलों का मकसद दिल्ली के हर नागरिक को सुरक्षित, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है।